दो लाख से ज्यादा गरीबों को नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, 385 मुखिया जंतर मंतर पर करेंगे धरना प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐप बंद हो जाने की वजह से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले लाभुकों के बीच परेशानी बढ़ चुकी है।। बिहार के सभी जिलों में मात्र मुजफ्फरपुर जिले को ही प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित कर दिया गया है।वही 217000 गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना की हक मारी के खिलाफ शनिवार को 385 मुखिया दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।। एकमात्र मुजफ्फरपुर जिले के गरीब जो झोपड़ी में रह रहे हैं। उनको इस योजना में शामिल होने का मौका प्रशासनिक लापरवाही की वजह से नहीं मिल पा रहा है। मुखिया संघ के अध्यक्ष का कहना है मुजफ्फरपुर से पटना लड़ाई लड़ने के बावजूद सफलता नहीं मिली दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ कोरोना की वजह से पाबंदी लगा दी गई। अनुमति अब मिली है 14 व 15 नवंबर को जंतर मंतर पर धरना देने के लिए सभी प्रखंड के मुखिया जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 साल पहले यह घोषणा की थी कि 2022 तक देश भर में सभी गरीबों का पक्का का मकान बना दिया जाएगा। वहीं 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस नाम से ऐप लॉन्च किया गया। इसमें देश भर के गरीबों का नाम पता एंट्री करने करने की सुविधा दी गई थी। प्रखंड के सर्वे करके रिपोर्ट डीआरडीए को 2018 में सर्वे के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के 217675 गरीबों को योजना का सूची बनी लेकिन दुर्भाग्य बंद हो गया उसी दौरान मुजफ्फरपुर आवास सहायक हड़ताल पर चले गए।। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने को लेकर गरीब परिवारों का काफी परेशान हैं।। झोपड़ी नुमा घर में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं।

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