बिहार सिविल सोसाइटी का मुजफ्फरपुर बंद अभूतपूर्व; आंदोलनकारियों ने गुलाब बांटकर बंद को सफल बनाया

आज का मुजफ्फरपुर बंद अद्भुत रहा; जनता जीत गई और बिजली विभाग हार गई; नेता पीछे रह गए और जनता आगे बढ़ गई; यह कहना है बिहार सिविल सोसायटी के अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर का; जिन्होंने कल ही पत्रकार वार्ता में घोषणा कर दी थी कि बंद के दौरान हम बल प्रयोग नहीं करेंगे; हमारे हाथों में टायर मोमबत्ती माचिस डंडे की जगह गुलाब के फूल होंगे और उसे हम दुकानदारों को देकर बंद को सफल बनाने का आग्रह करेंगे। सोसायटी के अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर; आंदोलन समन्वय समिति के संयोजक और पूर्व महापौर सुरेश कुमार तथा शेरपुर पंचायत के सरपंच एवं सोसाइटी के प्रवक्ता नंदन कुमार झा; सोसाइटी के कार्यालय प्रमुख राजेश कुमार पिंटू मीडिया प्रमुख साकेत शुभम ठाकुर नागरिक मोर्चा के महासचिव मोहन सिन्हा आंदोलन के महिला मोर्चा की संयोजिका संजना भारती तथा अन्य आंदोलनकारियों के हाथों में गुलाब के फूल का गुच्छा था और जहां कहीं भी दुकानें खुली मिलती थी वह एक गुलाब देते हुए बंद का आह्वान करते थे और दुकानदार शर्मिंदा होकर पसीना पसीना हो जाता था एवं दुकान बंद करने को मजबूर होता था। गांधीगिरी की इसी शैली ने आज मुजफ्फरपुर बंद को शत-प्रतिशत सफल बना दिया।

बिहार सिविल सोसायटी तथा उसके सहयोगी संगठनो नागरिक मोर्चा; ओम सेवादल; सुदामा नंदी फाउंडेशन; वंदे मातरम वाहिनी; युवा रचनाकार मंच आदि संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संचालित प्रीपेड मीटर हटाओ पोस्टपेड मीटर लाओ अभियान के अंतर्गत बिजली विभाग तथा जिला प्रशासन से वार्ता विफल होने पर मुजफ्फरपुर बंद का आह्वान किया गया था जिसमें पुलिस और प्रशासन की भूमिका सराहनीय थी एवं हमारे संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी पूरी शांतिपूर्ण ढंग से बंद को सफल बनाया। इसके लिए हम मुजफ्फरपुर की जनता और सभी समर्थक संगठनों एवं जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के आभारी हैं। यह कहना है बिहार सोसायटी के अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर का।

बिहार सिविल सोसाइटी के बैनर तले आज सुबह 9:00 बजे सरैयागंज स्थित टावर चौक पर मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। तत्पश्चात आचार्य पाराशर सुरेश कुमार नंदन कुमार झा के नेतृत्व में आंदोलनकारियों का काफिला गुलाब का फूल लेकर खुले हुए दुकानों को बंद करवाने के लिए उनकी तरफ बढ़ते और फूल लेकर उनसे प्रार्थना करते तो दुकानें बंद हो जाती। यह काफिला सरैयागंज अखराघाट सिकंदरपुर रोड गोला रोड सोनरपट्टी दीपक सिनेमा रोड हरिसभा चौक कल्याणी चौक मोतीझील तिलक मैदान होते हुए सरैयागंज और सूतापट्टी तक पहुंची और जहां कहीं भी दुकान खुले मिलते; उन्हें आंदोलनकारी द्वारा माइक से बंद का आह्वान करते और गुलाब का फूल भेंट कर बंद को सफल बनाने में सहयोग मांगा जाता है। इसी क्रम में काफिला तिलक मैदान स्थित बिजली ऑफिस पर पहुंचा और वहां के सुरक्षाकर्मियों से एसडीओ तथा अन्य पदाधिकारियों को सड़क पर बुलाने और भेंट के रूप में गुलाब स्वीकार करने को कहा तो बिजली विभाग के पदाधिकारी डर के मारे नीचे नहीं उतरे। उक्त जानकारी बिहार सिविल सोसायटी के अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने दी। उन्होंने बताया कि सन 1974 के जेपी आंदोलन के बाद यह पहला अवसर है जब मुजफ्फरपुर के दुकानदारों ने स्वयं अपनी दुकानों को बंद रखा और जनता स्वस्फ्रूत सड़क पर उतर कर प्रीपेड मीटर का विरोध करते हुए अपनी शक्ति का परिचय दिया। बिहार सिविल सोसाइटी के पदाधिकारियों ने मुजफ्फरपुर के सभी सहयोगी संगठनों और जनता को आज के बंद को अभूतपूर्व सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया है तथा पुलिस एवं प्रशासन को भी उनकी भूमिका के लिए सराहते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। मुजफ्फरपुर बंद को सफल बनाने में संजना भारती राजेश कुमार पिंटू आनंद सिंह राठौर परितोष सिंह साकेत शुभम ठाकुर अनिल कपूर मोहन सिन्हा संजीव कुमार झा प्रणा भूषण मोनी किशोर कुमार गुप्ता करिश्मा कुमारी रोहित रंजन आनंद कुमार महतो मनीष कुमार सिंह राणा देवीदयाल आशीष कुमार चिराग पोद्दार आदि आंदोलनकारियों ने भी सड़क पर उतरकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहर के अन्य भागों में भी प्रीपेड मीटर के खिलाफ जनता का गुस्सा भड़का और बंद को सफल बनाने में स्थानीय जनता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिहार सिविल सोसाइटी के मुजफ्फरपुर बंद का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र में भी देखने को मिला। शेरपुर पंचायत के मुखिया नरेश प्रसाद एवं सरपंच और आंदोलन के प्रवक्ता नंदन कुमार झा के नेतृत्व में गांव के सभी वर्ग के लोग सड़क पर निकल पड़े जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं थी और नारायणपुर से लेकर मझौलिया तक मानव श्रृंखला का निर्माण कर प्रीपेड मीटर के खिलाफ नारेबाजी कर बंद को सफल बनाया; जिसमें नूतन ठाकुर नीलम झा उप मुखिया बबलू तिवारी विजय झा राजेश झा पंकज कुमार तिवारी अलंकार तिवारी नीलू पाठक साजन झा अब्बी झा सोहन राम दिलीप महतो राकेश मल्लिक हरि ओम भारती आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर शाहबाजपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष मनीष वसंत साही के नेतृत्व में गांव में स्थित बिजली ऑफिस पर धरना प्रदर्शन किया गया तथा मुख्य मार्ग को जाम किया गया जिसमें दर्जनों युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। उक्त जानकारी देते हुए बिहार सिविल सोसायटी के अध्यक्ष आचार्य चंद किशोर पाराशर ने बताया कि जल्द ही मुजफ्फरपुर बंद की समीक्षा बैठक बुलाकर बिहार सिविल सोसाइटी के प्रीपेड हटाओ पोस्टपेड लाओ आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा। साथ ही सोमवार 20 जून को पटना उच्च न्यायालय के खुलते ही उसी दिन प्रीपेड मीटर की कठिनाइयों और उससे जनता को मुक्ति दिलाने हेतु तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का बिजली विभाग द्वारा उल्लंघन करने के मुद्दे पर जनहित याचिका भी दायर कर दी जाएगी।

 

 

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