यहां मुस्लिम परिवार द्वारा बनाए गए चूल्हे पर बनता हैं, छठ महापर्व में खरना का प्रसाद

छठ महापर्व पर मुस्लिम परिवार द्वारा बनाये गए चूल्हे में बनता है खरना का प्रसाद। छठ महापर्व का रहता है इन मुस्लिम परिवार को भी इंतजार।

कटिहार जिले में छठ महापर्व को लेकर आपसी सौहार्द का प्रतीक है मुस्लिम समाज के द्वारा बनाए गए मिट्टी का चूल्हा जिस पर बनता है छठ महापर्व का प्रसाद ।
कटिहार शहर के बैगना मोहल्ले में 1 दर्जन से अधिक मुस्लिम परिवार के लोगो को छठ महापर्व का इंतजार रहता है इस दौरान मुस्लिम परिवार के लोग छठ महापर्व के मौके पर बनने वाले प्रसाद के लिए मिट्टी के चूल्हे का निर्माण करते हैं जिसे छठ वर्ती खरीद कर अपने घरों में ले जाते हैं और उस पर ही छठ महापर्व का खरना का प्रसाद बनाया जाता है
आपको बता दें कि छठ महापर्व के मौके पर मिट्टी के चूल्हे की डिमांड काफी बढ़ जाती है और इस दौरान इस मोहल्ले के मुस्लिम परिवार के लोग पवित्रता और आस्था के साथ इस जिले के निर्माण कार्य में जुट जाते हैं ,जिसके बाद कटिहार जिले के साथ-साथ आसपास के इलाके के लोग भी छठ महापर्व के लोग मौके पर यहां से ही चूल्हा खरीद के ले जाते हैं।

किया कहते हैं चूल्हा बनाने वाली मुस्लिम परिवार ।
————––—————–——-

छठ महापर्व के मौके पर चूल्हे का निर्माण कार्य कर रही मुस्लिम परिवार के लोगों में रुकसाना खातून,मो0 कासिम,रूबेदा खातून,मुस्कान खातून का कहना है कि वह लोग महापर्व छठ को लेकर चूल्हा बनाने के दौरान स्वच्छता और साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखते हैं और पूरी पवित्रता के साथ पूरी देखरेख में चूल्हे का निर्माण करते हैं ,छठ महापर्व के मौके पर चूल्हे का निर्माण कार्य कर रहे बैगना के मुस्लिम पदिवार के लोगो ने कहा कि उन लोगों के द्वारा 20 वर्षों से अधिक समय से छठ महापर्व के मौके पर चूल्हे का निर्माण कार्य करती आ रही हैं और इस चूल्हे का उपयोग मुख्य रूप से खरना का प्रसाद बनाने के लिए किया जाता है और छठ वर्ती उनसे चूल्हा खरीदने के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें काफी खुशी होती है लोगों का कहना है कि छठ महापर्व के मौके पर उनके द्वारा बनाए गए चूल्हे का डिमांड भी काफी बढ़ जाता है और अच्छी खासी मुनाफा भी मिल जाती है जिससे उनका घर परिवार भी चलता है।

चूल्हा खरीदने वाले खरीददार और समाजसेवी मुस्लिम परिवार द्वारा बनाये गए चूल्हे पर दी प्रतिक्रिया।
—————————————-

कटिहार के बैगना मोहल्ले में चूल्हे का निर्माण कर रहे मुस्लिम परिवार के लोगो की आस्था को देख कर छठव्रती भी ख़ुर्शी का इजहार कर रहे हैं,छठव्रती बल्ली बजाज उर्फ किशन बजाज कहते हैं कि वो हर वर्ष छठ महापर्व के मौके पर छठ के मौके पर बनने वाले खरना का प्रसाद का निर्माण इसके द्वरा बनाये गए चूल्हे से ही करते हैं,साफ सफाई का काफी खयाल रखा जाता है इएलिये इन लोगो के यहां से खरिदने पर काफी ख़ुर्शी होती है।वही समाजसेवी विक्टर झा ने कहा कि ये इलाका सौहार्द का प्रतीक है और यहां कोई भेदभाव नही है जो गंगा जमुनी संस्कृति का प्रतीक है और भाई चारे की मिशाल है।

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?