नीतीश जी के राज में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा एक और पुल; कब रुकेगा सिलसिला?

बिहार में एक और पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। प्रदेश के जमुई में बरनार नदी पर बना पुल के सात-आठ पिलर भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुल काजवे प्रखंड में स्थित है। पिलरों के क्षतिग्रस्त होने से फूल नीचे की ओर धंस गया है। इसकी वजह से आवागमन रोक दिया गया है।

बिहार में लगातार पुलों के टूटने और बह जाने से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले खगड़िया- भागलपुर के बीच बने गंगा नदी के अगवानी घाट पर निर्माणाधीन पुल बह गया था। करीब 1ई00 करोड़ की लागत से बन रहे पुल के बह जाने के बाद बिहार में जमकर राजनीति हुई। खासकर विपक्षी भाजपा ने नीतीश सरकार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को जमकर घेरा। लेकिन इसमें किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। निर्माण कंपनी को फिर से पुल बनाने का आदेश देकर सरकार ने अपनी भूमिका खत्म कर ली।

शुक्रवार की शाम जमुई में बरनार नदी पर बने पुल के धँस जाने की खबर मिलते ही प्रशासन के होश उड़ गए। जिला प्रशासन के आदेश पर सीओ राजेश कुमार और स्थानीय SHO चितरंजन कुमार मौके पर पहुंचे और सुरक्षा का ख्याल करते हुए पुल के दोनों और बैरीकेटिंग कर दी ताकि लोग वहां नहीं जाएं।

शनिवार को पुल धँस जाने की सूचना आग की तरफ फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंच गए जिन्हें प्रशासन ने हटाया। आसपास के लोग ऊपर वाले का का शुक्रिया अदा कर रहे हैं किस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है मरम्मत की मांग की जा रही थी जिस पर सरकारी में ध्यान नहीं दिया।

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